Sunday, March 22, 2009

मेरी तन्हाई की अमानत...

उसने कहा, बस बहुत हुआ,

क्यों ज़माने की महफ़िल में

आखिर ले जाते हो मुझको,

किसलिये सबसे मिलवाते हो मुझको,

अब तंग आ चुकी हूँ मैं,

वो गलत नज़र से देखते है

इसलिये नही,बल्कि इसलिये

की कोई देखता ही नही,

किसी को कोई फ़र्क ही नही पड़ता...

सजल,तुम्हारे अलावा मुझे

कोई समझ ही नही पाता,

सच कहूँ तो मेरी मौजूदगी

का एहसास तक नही करवा पाता,

जानती हूँ मेरे अपमान पे

तुमको भी तकलीफ़ होती है,

तभी तो कहती हूँ...

मुझे अपनी संगिनि बनाओ लेकिन

किसी और का साथ निभाने को ना कहना,

मैं तुम्हारी थी,तुम्हारी ही रह जाऊँगी

प्लीज़ किसी और को अपनाने को ना कहना,

है इसी में अब खुशी मेरी तमाम

की बनके रह जाऊँ,

तेरी तन्हाई की अमानत मैं.....

ऐसा जब मेरी 'कविता' ने मुझसे कहा,

मैं चुपचाप,बस देखता रह गया उसको!!!

P.S : This post is a result of a realisation,and the importance of giving the required importance,and love,to ones own compositions...because at the end of the day,the world will never understand them,as well as we do,if my 'kavita'is special for me,am sure she expects me to be the same for her :)

11 comments:

रश्मि प्रभा said...

bahut badhiyaa.....

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर ...

राज भाटिय़ा said...

उसने कहा, बस बहुत हुआ,

क्यों ज़माने की महफ़िल में

आखिर ले जाते हो मुझको,

किसलिये सबसे मिलवाते हो मुझको,

अब तंग आ चुकी हूँ मैं,
बहुत ही सुंदर.
धन्यवाद

SGM said...

Although you already my comments on this creation thru gtalk,I yhought it would be great if i could also leave a token of appreciation on your blog.....

Keep going great guns and yes,Jai Piyush Mishra!

Pyaasa Sajal said...

aap sabhi ka bahut shukriyaa....fir se ek break leke kuchh likhaa tha hindi mein :)

SGM...hana ji bilkul...jai ho piyush mishra :)

Nidhi said...

सजल,तुम्हारे अलावा मुझे

कोई समझ ही नही पाता,

सच कहूँ तो मेरी मौजूदगी

का एहसास तक नही करवा पाता,



तभी तो कहती हूँ...

मुझे अपनी संगिनि बनाओ लेकिन

किसी और का साथ निभाने को ना कहना,

मैं तुम्हारी थी,तुम्हारी ही रह जाऊँगी

प्लीज़ किसी और को अपनाने को ना कहना,

है इसी में अब खुशी मेरी तमाम

की बनके रह जाऊँ,

तेरी तन्हाई की अमानत मैं.....

जितना कुछ लिखा है आशा है आप भी अपनी अपने जीवन में किसी लड़की क लिए ऐसा ही सोचेंगे और उसके एमोशनस का भी ख्याल रखेंगे...
aur poem pe comment karne k liye...

You have the talent..very nice..... =) your blog is interesting as well. hope to read more. goodluck!

Pyaasa Sajal said...

thanks for the appreciation...do keep reading

Nidhi said...

yeah :)..

tussi punjabi me kuch kyu nai likhde ho?

Pyaasa Sajal said...

punjabi nahi aatee isliye

MaiN Our Meri Tanhaayii said...

Bahoot hi khoobsoorat peshkash aapki....merii jaanib se dhairoN daad kabool keejiye..

Harash Mahajan

Pyaasa Sajal said...

shukriya janaab